यह कहानी जो आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आये हैं जिसका नाम है जुदा होकर भी तेरे साथ रहूँगी, यह एक प्रेमी और प्रेमिका के दौरान होने वाली बात को शायरी के साथ कहानी के रूप में पेश किया गया है, दोनों जुदा हो रहे हैं और एक दूसरे से जो बात कह रहे हैं उसके बारे में बताया गया है।


Writer: Unknown


है नाजुक ये दिल मेरा तू जानती है


तुमसे जुदा हो कर भी मैं यहीं रहूँगी 


तुम दिल से याद करोगे मैं दिल में ही  रहूँगी!!!




तेरी मोहब्बत को बना लूंगा मेरे जीने की वजह,


मेरे दिल के घर पर तेरा हक़ मालिकाना होगा,



तू देखेगी जिस और अपनी नज़र उठा कर मेरी जान,


हर नज़र के करीब तेरे मेरे प्यार का आशियाना होगा,



क्या तुझसे मोहब्बत भी है, है तुझे पाने की हसरत भी,


कय देख कर कहे ये दुनिया भी 'तेरे यार' जैसा न कोई दीवाना होगा,



मैं करूँ मेरी मोहब्बत मेरी जान क्या तरीफ तेरी,


क्या तुझे तेरे प्यार से मेरा अब ये घर सजाना होगा,



तूझे बाहों में भरने की आरज़ू है मेरी जाने कब से,


क्या तुझे भर के बाँहों में मेरी ख़ुशी का न कोई फिर ठिकाना होगा,



तेरी गोद में रखूं मैं सर अपना जब भी उदास पाउँ खुद को,


क्या तेरे छुने से ही मेरे दर्द-ओ-ग़म को ख़ुशी में बदल जाना होगा,



तेरे जिस्म की खुशबु से होगा मेरे मन को ताजगी का अहसास,


तूझे तेरे इश्क़ की महक से मेरे प्यार को अब महकाना होगा,



हो न कोई गिला शिकवा तेरे मेरे दरमियाँ मेरे दिल की रानी,


क्या तेरी गोद में तुझे मेरे प्यार की निशानी को खिलाना होगा,



है नाजुक ये दिल मेरा तू जानती है मुझे मेरे एहसास को,


क्या देखे जो तू मुझे कभी मायूस तो अपनी चाहत से तुझे मुझे हँसाना हो.