दोस्तों इस कहानी में एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के सामने अपने प्यार का इज़हार करते हुए प्यार की भाषा को अपने शब्दों में बयाँ कर रहा है, वो अपनी होने वाली प्रेमिका को बता रहा है कि इश्क़ क्या होता है और कह रहा है के आ तुझे इश्क़ का पाठ पढाता हूँ बैठ मेरे साथ तुझे इश्क़ सिखाता हूँ।


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Writer: Unknown

 

जानी की शायरी



हर कोई कह जाता है ए जानी


मेहबूब मेरे सुनले आज मेरी मुहब्बत की इन्तेहाँ बताऊं,


दिल में छुपे हर एक एहसास को लफ्ज़ो की किताबो में सजाऊँ,



ओ कहते हैं लोग मुहब्बत सिर्फ दो लफ्ज़ो की कहानी है,


देख आज मैं वही दो लफ़्ज़ कहंवालो को हक़ीक़त समझाऊं,



क्या जाना उन्होंने शायद नहीं मुहब्बत के वजूद को अब तक,


सुना ए बेगानो आज तुम्हें सच्ची मुहब्बत क्या है ये समझाऊं,



तुम कहते हो मुहब्बत में हर आशिक़ बस हारता ही जाता है,


पर होती है क्या हार - जीत मुहब्बत में ये मैं बतलाऊँ,



तूम कहते हो ये एक धोखा है लफ्ज़ो का जो हर एक को होता है,


अगर ये बात है तो मैं हज़ारों बार इस धोखे को सह जाऊं,



तुम कहते हो भला किस काम की वो मुहब्बत जिसमे मिलन ही न हो,


अगर मिलन ही है मुहब्बत तो मैं ऐसी सो सो मुहब्बत ठुकराउं,



तुम कहते हो मरता है हर एक आशिक़ दर्द की मंज़िल पर जाकर,


अगर मौत ही है मुहब्बत की मंज़िल तो लो हस्ते हस्ते मैं मर जाऊं,



तुम कहते हो लफ्ज़ो में ऐसी बातें तो हर कोई कह जाता है ए जानी,


तो आओ मेरे दिल को चीर दो, मैं तुम्हें यही बात दिल की तस्वीरो में दिखलाऊ,।


💔💔💔❤️


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