दोस्तों हम लेकर आये हैं सांपों से जुड़े intresting facts in hindi जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे, आज हम साँपों से जुड़ी वो बातें आपको बताएंगे जिनके बारे में आपने पहले कभी सुना या पढ़ा नहीं होगा, इस दुनिया मे सांपों की अनेक प्रकार की प्रजातियां पाई जाती है उनमें से कुछ के बाई में हम बात करेंगे और आपके साथ उनके बारे में intresting facts साँझा करेंगे।

Facts about snake in hindi


Amazing Facts about snakes in Hindi


आपका ज्यादा समय ना लेते हुए शुरू करते हैं दोस्तों आप इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ना जिससे आपको साँपों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके और इसे अपने दोस्तों से साँझा भी जरूर करना ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह बातें पता चल सकें।


साँप इंसानों से डरते हैं


आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जैसे हम साँपों से डरते हैं वैसे ही साँप भी हमसे डरते हैं आपने देखा होगा कि कभी साँप को मनुष्य के आने की भनक लगती है तो वो छुप जाते हैं और जब तक हम उन्हें परेशान नहीं करते हो हम पर हलमा नहीं करते।  


एक बार में नागिन कितने अंडे देती है ?


बारिश के चार महीने तक नागिन गर्वधरन करती है और बारिश के मौसम में ही नागिन अंडे देती है, एक गर्भवती नागिन एक बार में 240 अण्डे देती है, और आपने सुना होगा कि नागिन अपने अण्डों को खा जाती है यह सच्च बात है लेकिन जो अण्डे बच जाते हैं उनसे नागों का वंश आगे बढ़ता है।


साँप के बच्चों का रंग अंडे से निकलने के सात दिन बाद काला हो जाता है और 21 दिन बाद साँप के बच्चों के जहरीले दाँत निकल आते हैं।


साँप के पैर: साँप के 240 सूक्ष्म पैर होते हैं और यह इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें इंसानी नज़रों से देख पाना असंभव है।


कोई भी ज़हरीला साँप अपने जन्म के 25 दिन बाद किसी इंसान को काट ले तो उस इंसान की मृत्यु हो सकती है यदि तुरन्त इलाज ना किया जाए तो अर्थात एक साँप के जहरीले दांत 25 दिन तक पूरे तैयार हो जाते हैं।  


साँपों का शरीर तापमान बदलने के साथ खुद को उस तापमान के अनुसार ढाल लेता है और किसी भी सामान्य तापमान में जीवित रह सकता है।


साँप अपने भोजन को कभी चबा कर नहीं खाते साँप अपने शिकार को अर्थात अपने भोजन को साबुत निगल लेते हैं।


पूरी दुनिया मे साँपों की 3000 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती है जिनके बारे में इंसान जानता है और ना जाने कितनी प्रजातियों होंगी जिनके बारे में अभी तक इंसान जान नहीं पाया या इंसानी आंखों से दूर रहती है जैसे समुंदर की गहराई में जिसके बारे में इंसान सभी तक बहुत कम जान पाया है। और इन प्रजातियों में से 300 से अधिक प्रजातियां भारत मे पाई जाती है जिनमें से लगभग 150 परजतियाँ जहरीले साँपों की है।


साँप साल में 2 से 3 बार अपनी त्वचा को बदलते हैं जिसको हम कंचलि उतारना कहते हैं।


एक मरे हुए साँप का सिर कुछ घंटों तक के बाद भी इंसान को काटने तक कि क्षमता रखता है इस लिए मरे हुए साँप से भी खुद का बचाव रखना चाहिए।


साँप सूंघने के लिए अपनी जीभ का इस्तेमाल करते हैं।


दुनिया भर में जहरीले साँपों की 725 परजतियाँ पाई जाती है। 


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