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एक और अधूरी प्रेम कहानी | Adhuri Love Story

एक और अधूरी कहानी 😔😔

अधूरी कहानी, प्यार की अधूरी दास्तान, एक कहानी, अछि कहानी, धोखा कहानी, कहानी एक लड़के की

यह उन दिनों की बात है जब मैं पार्क मे जाकर चुपचाप बैठा रहता था मेरा कोई दोस्त नहीं था मै अकेला ही आकर बैठा रहता था और बैठा २ से ४ घंटे बैठा कर फिर चला जाता था,  ऐसे करीब २ साल गुजर गए में आता बैठता और चला जाता…। फिर अचानक एक दिन मै पार्क में बैठा ही था की मैने देखा एक लड़की को वो मुझे बहुत अच्छी लगी मेरे मन में आया मै इससे बात कैसे करू क्यूंकि मै लड़कियों से बात करने में डरता था फिर मैंने एक बच्ची जो की इतने दिन पार्क में बैठ बैठ के ऐसे पहचान हो गयी थी मैंने उस बच्ची को बोला बाबू ज़रा उस लड़की को जा के बोलो भैया आआपका नाम पूछ रहे है तो उसने उस बच्ची को कुछ कहा मैंने देखा तो मैंने उस बच्ची से पूछा तो बच्ची ने कहा उसने आपको बन्दर कहा।

मै सोचा उसे कोई इंटरेस्ट नहीं है मुझमे में जाता था पार्क और एक दिन मै एक लड़के के साथ घूम रहा था की मै उसके पास से होकर गुजरा वो मुझे देख कर हसी मेरे दोस्त ने मुझसे कहा ये लड़की तुझको लाइक करती है मैंने बोला ऐसा कुछ नहीं है भाई पर मुझे भी अंदर कुछ ख़ुशी हुई फिर एक दिन मै बहुत हिम्मत करके अपना नंबर एक पेपर में लिख कर उसके आगे फेंक दिया वो उठा ली और मै वापस आकर देखा तो पेपर फटा हुआ था।

मै उस दिन रात भर सो नहीं पाया फिर अचानक एक दिन हिम्मत करके मैंने एक बच्चे को बोला है उस लड़की को बोलो भैया बुला रहे है आपको और वो मेरे पास आ गयी मैंने नंबर पूछा तो उसने कहा मम्मी बोलेंगी तो मैंने कहा जब आप बोलोगी कॉल करने के लिए तब मै कॉल करूँगा फिर हमारी दोस्ती शुरू हो गयी।

 एक महीने बाद मैंने बोला घूमने चलोगी क्या उसने बोला हां पर कहा मैंने बोला पास के पार्क में चलते है हम लोग गए पार्क वहां बहुत सारी बातें की फिर घर चले आये ऐसे करके हम करीब २ से ३ बार पार्क गए है बीच उसने मुझे एक लेटर दिया जिसमें लिखा था कुछ भी हो मुझे छोड़ के मत जाना और मुझे कभी अकेला मत छोड़ना मैंने भी सोच लिया था उसे मै कभी नहीं छोड़ूँगा।

फिर अचानक उसने अपनी मम्मी को सारी बातें बता दी और उसकी मम्मी ने मुझे फ़ोन करके डराना शुरू किया मेरी बेटी से बातें करना बंद करो, लेकिन में फिर भी उससे बात करता था ऐसे मैंने उससे करीब एक महीने बातें की अचानक वो मुझसे बात करना बंद कर दी मैंने सोचा कोई फैमिली प्रॉब्लम होगी उसकी मम्मी ने डराया होगा उसे फिर मै गाँव चले आया।

 वह से करीब १५ से २० दिन रहने के बाद जब मै वापस जा रहा था तो मेरी मोबाइल ट्रैन से चोरी हो गयी में बहुत उदास था और मैंने सोचा चलो उससे बात हो जाये तो कुछ मन ठीक होगा उस दिन उसके ट्यूशन जाने के रास्ते में मै एक घंटा पहले से बैठा था वो आई और मैंने उसको आवाज़ दी तो मैन देखा उसने किसी को फ़ोन किया वो तो नहीं आयी मै उसके पास गया तो बातें हुई।

और जब मै वापस आ रहा था तो उसने बोला रुक जा मम्मी से बात करले फिर जा मैंने पूछा मम्मी को किसने बताया मैं यहाँ हूँ उसने बोला मम्मी ने देख लिया होगा… फिर मैंने सोचा एक बार बात करनी चाहिए की प्रॉब्लम क्या है मैं उसके ट्यूशन के बहार करीब एक घंटे से खड़ा हुआ था तो वो निकली और मैंने उसे रोका और पूछा क्या हुआ है आपको मेरे साथ रहना है या नहीं उसने बोला मैं सोच के बोलूंगी मैंने बोला ठीक है…

 कुछ दिन बाद मै फिर उसे रास्ते में देखा तो रोक के पूछा क्या हुआ अपने सोचा वो बोली अभी नहीं…।। अब वो मुझे देख कर भाग जाती थी मे उसके घर के बहार रोज़ करीब ६ घंटे बैठा करता था की वो एक बार दिख जाये मुझे बस…।।

अब वो मुझसे डरणे लगी थी मैंने सोचा उससे पूछूं आख़िर बात क्या है जो आप मुझे देख कर डर के मैरे भाग जाती हो…। वो तो मुझे नहीं मिली पर उसकी मम्मी ने आज मुझे रास्ते में रोक कर बोली अब तू मेरे बेटी से बात करोगे तो मैं पुलिस में बता दूंगी.. इस बात से मेरी फट कर चार हो गयी और हमारी कहानी का अंत यही हो गया यह थी मेरी एक छोटी सी अधूरी कहानी।।।

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